गुरुवार, 3 मार्च 2016

क्यूँ चुपचाप सुने माता ?








धिक्कार और उलहाना...
क्यूँ चुपचाप सुने माता ?

राम-कृष्ण गौतम का भारत
ज्योतित ज्ञान प्रकाश अविरत..
चक्र सुदर्शन की रही छाया
गीता ने यहीं अमृत बरसाया...
फिर जरासंध छल बल दिखलाता...



धिक्कार और उलहाना...

क्यूँ चुपचाप सुने माता ?

क्रान्ति स्वर ऐसे नहीं हों...
अवनति जिनमें छिपी हो...
व्यर्थ सभी क्या पुण्य पुरातन ?
क्या ऐसे आएगा परिवर्तन ?
गहन तमस में सुप्त न हो मानवता...



धिक्कार और उलहाना 
क्यूँ चुपचाप सुने माता ?

#वन्दना...